Love Shayari, Ek shaam aati hai

एक शाम आती है तुम्हारी याद लेकर,
एक शाम जाती है तुम्हारी याद देकर,
पर मुझे तो उस शाम का इंतेज़ार है,
जो आए तुम्हे अपने साथ लेकर..!!

Ek shaam aati hai tumhari yaad lekar,
Ek shaam jaati hai tumhari yaad dekar,
Par hume intezaar hai us shaam ka,
Jo aaye sirf tumhe saath lekar..!!

Dard Shayari, Tere Rone Se

तेरे रोने से उन्हें कोई
फर्क नहीं पड़ता ऐ दिल
जिनके चाहने वाले ज्यादा हो
वो अक्सर बे दर्द हुआ करते हैं

Tere Rone Se Unhe Koi
Fark NHi Padta Aye Dil
Jinke Chahne Wale Zayada Ho
Wo Aksar Be-Dard Hua Karte Hai

Dard Shayari, Naya dard ek aur dil mein

नया दर्द एक और दिल में जगा कर चला गया,
कल फिर वो मेरे शहर में आकर चला गया,
जिसे ढूंढ़ता रहा मैं लोगों की भीड़ में,
मुझसे वो अपने आप को छुपा कर चला गया।

Naya dard ek aur dil mein jaga kar chala gaya,
Kal phir woh mere shehar mein aakar chala gaya,
Jise dhoondta raha main logon ki bheed mein,
Mujh se woh apna aap chhupa kar chala gaya,
Main uski khamoshi ka sabab poochti rahi,
Woh kisse idhar udhar ke suna kar chala gaya,
Yeh sochti hoon kaise bhulaungi ab usse,
Ek shaks woh jo mujh ko bhula kar chala gaya.

Dard Shayari, Teri aarzoo mera khwab hai

तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है,
जिसका रास्ता बहुत खराब है,
मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा न लगा,
दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है।

Teri aarzoo mera khwab hai,
Jiska raasta bahut kharab hai,
Mere zakhm ka andaza na laga,
Dil ka haar panna dard ki kitaab hai…!!!

Love Shayari, Koi achi si saza

Koi achi si SAZA do mujhko,
Chalo aisa karo BHULLA do mujhko,

Apne DIL me basi TASVIR meri,
Aisa karo JALA do usko,

Meri WAFA pe agar SHAK hai tumko,
Tu phir NAZAR se gira do mujh ko,

Muddat hogai hai tere HIJR me jagte howe,
Apni sanso ki HARARAT se sula do mujhko,

Kuch tu TARAS karo apne DIWANE per,
JAAM na sahi ZEHER hi pila do mujhko,

Tum se bichron tu MOUT aa jai mujhko,
Dil ki Gehrayon se aisi DUA do mujhko.

2 Line Shayari, Mohabbat Na Sahi

मोहब्बत न सही मुकदमा कर दे मुज पर …
कम से कम तारीख दर तारीख मुलाकात तो होगी ।


मुझे बदनाम करने का बहाना ढूँढ़ते हो क्यों,
मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले नाम होने दो।


जिन के आंगन में अमीरी का शजर लगता है,
उन का हर एब भी जमानें को हुनर लगता है।


तजुर्बा कहता है मोहब्बत से किनारा कर लूँ…
और दिल कहता हैं की ये तज़ुर्बा दोबारा कर लू|


ये झूठ है… के मुहब्बत किसी का दिल तोड़ती है ,
लोग खुद ही टुट जाते है, मुहब्बत करते-करत|


ऊँची इमारतों से मकां मेरा घिर गया,
कुछ लोग मेरे हिस्से का सूरज भी खा गए।


गर तेरी नज़र क़त्ल करने मे माहिर है तो सुन..
हम भी मर मर के जीने मे उस्ताद हो गए है|


दिल मेरा भी कम खूबसूरत तो न था,
मगर मरने वाले हर बार सूरत पे ही मरे !!


किसी की गलतियों को बेनक़ाब ना कर,
‘ईश्वर’ बैठा है, तू हिसाब ना कर।


ऐ दिल थोड़ी सी हिम्मत कर ना यार,
चल दोनों मिल कर उसे भूल जाते है।


मैं उसकी ज़िंदगी से चला जाऊं यह उसकी दुआ थी,
और उसकी हर दुआ पूरी हो, यह मेरी दुआ थी।


तुझे मुफ्त में जो मिल गए हम,
तु कदर ना करे ये तेरा हक़ बनता है।

2 Line Shayari, Rona hi hai

रोना ही है ज़िन्दगी तो हँसाया क्यो..
जाना था दूर तो नज़दीक़ आया ही कयो..


रोने से और इश्क़ मे बे-बाक हो गए..
धोए गए हम इतने कि बस पाक हो गए।


कुछ लोग जमाने में ऐसे भी तो होते हैं..
महफिल में तो हंसते हैं तन्हाई में रोते हैं !!


तूने मेरा आज देख के मुझे ठुकराया है…
हमने तो तेरा गुजरा कल देख के भी मोहब्बत की थी|


एहसान जताना जाने कैसे सीख लिया..
मोहब्बत जताते तो कुछ और बात थी।


कितने मज़बूर है हम तकदीर के हाथो..
ना तुम्हे पाने की औकात रखतेँ हैँ, और ना तुम्हे खोने का हौसला.!!


पहले ज़मीं बाँटी फिर घर भी बँट गया..
इनसान अपने आप मे कितना सिमट गया|


रूकता भी नहीं ठीक से चलता भी नही..
यह दिल है के तेरे बाद सँभलता ही नही|


सुनो एक बार और मोहब्बत करनी है तुमसे,
लेकिन इस बार बेवफाई हम करेंगे.


तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया..
ख़ुश हूँ कि कुछ न कुछ तो मेरे पास रह गया|