Dard Shayari, Betaab se rehte hai

बेताब से रहते हैं उसकी याद में अक्सर,
रात भर नहीं सोते हैं उसकी याद में अक्सर,
जिस्म में दर्द का बहाना सा बना कर,
हम टूट कर रोते हैं उसकी याद में अक्सर।